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  1. जब मन में कटुता आए तो अपने अन्दर प्रेम भाव जगाइए. यह थोडा कठिन जरुर होगा, लेकिन नामुमकिन नहीं.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. जब गुस्सा आता है तो हँस दो.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. जब दिमाग खाली हो तो अच्छे विचार का चिन्तन करो.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. जब कोई नापसन्द हो तो उसकी तारीफ कर दो.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. दुःख और मुसीबत में खुश रहो.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. जिन चीजों से तुम्हें तकलीफ हो उसके लिए ईश्वर का धन्यवाद दो.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. प्रसन्न रहें जब प्रसन्न रहना कठिन हो.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. संतुलन बनाएं जब मन में क्रोध या भय हो.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. उदार व्यक्ति दे-देकर अमीर बनता है, लोभी जोड़-जोडकर गरीब बनता है.

    – शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. उल्लू सूर्य के प्रकाश के अस्तित्व को माने या न माने फिर भी सूर्य हमेशा चमकता है. चंचल मन का मनुष्य माने या न माने लेकिन सद्गुरू की परम कल्याणकारी कृपा सदैव बरसती रहती है.

– स्वामी शिवानन्द Swami Shivanand 
  1. धर्म की रक्षक विद्या ही है, क्योंकि उसी से धर्म और अधर्म का बोध होता है.

– रामतीर्थ Ramthirtha
  1. जो व्यक्ति अपनी कलह पूर्ण आदत को नहीं छोड़ता वह अपना और दूसरों का जीवन अशांत कर देता है.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. चित्र की पूजा न करके हमें चरित्र की पूजा करके, आचरण करना चाहिए.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. सत्य भाषण से आयु वृद्धि होती है और शुभ कर्मों से स्वर्ग की अनुभूति होती है.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. काम करने से पूर्व सोचना बुद्धिमत्ता है. काम करते समय सोचना सतर्कता है. काम कर चुकने से बाद सोचना मूर्खता है.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. अँधा वह नहीं जो देख नहीं सकता, बल्कि अँधा तो वह है जो अपने दोषों को नहीं देख पाता.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. भूल करके सीखता तो है. इसका अभिप्राय यह नहीं कि जीवन भर भूल ही करते रहें और कहते रहें कि सीख रहा हूँ.
    – शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. सुख बाहर से मिलनेवाली वस्तु नहीं है. अंदर ही मौजूद है. यह अहंकार छोड़े बिना प्राप्त नहीं होता.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. जो व्यक्ति हमेशा निराश, कष्ट, कठिनाईयों, अस्वास्थ्य तथा गरीबी की बातें करता है, वह व्यक्ति भला किस प्रकार सफल हो सकता है.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. जो धनवान होने पर भी कंजूस है, वह सबसे बड़ा गरीब है.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. दुनिया भर की धन राशि इकट्ठी कर लो, लेकिन कफन की जेब नहीं होती.

– कहावत Proverb
  1. किसी भी कार्य के लिए दौड़ना उचित नहीं, सिर्फ समय पर चल पड़ना चाहिए.

– कहावत Proverb
  1. यदि कोई काम नहीं करता तो उसे खाना भी नहीं चाहिए.

 -बाईबिल Bible
  1. किसी भी काम को ख़ूबसूरती से करने के लिए उसे स्वयं करना चाहिए.

 – नेपोलियन Napoleon
  1. भय और अत्याचार कायरता के दो पहलू हैं.

–अज्ञात Unknown
  1. क्रोध एक प्रकार का क्षणिक पागलपन है.

– गांधी Gandhi
  1. सुबह से शाम तक काम करके उतना नहीं थकता, जितना क्रोध या चिंता से एक घंटे में थक जाता है.

-बाईबिल Bible
  1. क्रोध में कही गई बातें अंत में उल्टी निकलती हैं.

– अज्ञात Unknown  
  1. गरीबी लज्जा नहीं है, लेकिन गरीबी से लज्जित होना लज्जा की बात है.

– शांति सूत्र Shanti Sutra
  1. उस मनुष्य से अधिक गरीब कोई नहीं, जिसके पास ‘सिर्फ धन’ ही है.

– कहावत Proverb
  1. गलती करना मनुष्य का स्वभाव है, लेकिन जो व्यक्ति वही गलती दोहराता है, वह अपना दुश्मन खुद है.

-गांधी Gandhi
  1. बाणों  से बिंधा हुआ तथा फरसे से कटा  हुआ वन भी अंकुरित हो जाता है, परन्तु कटु  वचन कहकर वाणी से किया हुआ घाव नहीं भरता.

-वेद व्यास Ved Vyas
  1. कड़ी बात भी हँसकर कही जाए तो मीठी हो जाती है.

– प्रेमचन्द Premchand
  1. दूसरों से मधुर वचन बोलना जप है, एकमात्र तप है.

– बसवेश्वर Basveshwar
  1. धान की बालियाँ बड़ी होने के लिए बोने वाले के गुणों की अपेक्षा नहीं करतीं.

-विशाख दत्त Vishakh Dutt  
  1. जिस तरह अध्ययन करना अपने आप में कला है, उसी प्रकार चिन्तन करना भी एक कला है.

–गांधी Gandhi