हिँदु, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बुद्ध, जैन, पारसी...सब धर्मो मेँ हैँ मांसाहार पर प्रतिंबध, तो आपका धर्म क्या हैँ ? क्या आप मांसाहारी होकर किसी धर्म मेँ होने का ढोँग तो नहीँ कर रहे हैँ...? (पर्याप्त सबुत)

(पारसी धर्म)

जो दुष्ट मनुष्य पशुओं, भेड़ो अन्य चौपायों की अनीतिपूर्ण हत्या करता है, उसके अंगोपांग तोड़कर छिन्न-भिन्न किये जाएँगे|

- जैन्द अवेस्ता

( यहुदी धर्म )

पृथ्वी के हर पशु को और उड़ने वाले पक्षी को तथा उस हर प्राणी को जो धरती पर रेंगता है, जिसमें जीवन है, उन सबके लिए मैंने मांस की जगह हरी पत्ती दी है | जब तुम प्रार्थना करते हो, तो मैं उसे नहीं सुनता यदि तुम्हारे हाथ खून से रंगे हैं |

इन सभी धर्मों के ग्रंथों के वचनों से निर्विवाद रूप से यही बात सिद्ध होती है कि सदा स्वस्थ, निरोगी और दीर्घायु बने रहने के लिए हमें सात्विक भोजन अपनाने की और मांसाहार को त्यागने की जरुरत है,

क्योंकि मांसाहार के लिए मूक निर्दोष जीवों की हत्या होती है, जो महापाप है, दूसरे मांसाहार से अनेकों प्रकार के रोग हो जाते हैं, जैसा कि आजकल हो रहे हैं,





{चेतावनी :- इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं, इस लेख से आपकी स्वार्थी भावनाओँ को ठेस पहुंची हो तो क्षमा करे...}

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15 Feb 2014