मांसाहार खाने वाले ईसाई, करते हैँ बाईबल का अपमान

1. पशु वध करने के लिए नहीं हैं |

2. मैं दया चाहूँगा, बलिदान नहीं |

3. तुम रक्त बहाना छोड़ दो, अपने मुंह में मांस मतडालो |

4. ईश्वर बड़ा दयालु है, उसकी आज्ञा है कि मनुष्य पृथ्वी से उत्पन्न शाक, फल और अन्न से अपना जीवन निर्वाह करे |

5. हे मांसाहारी ! जब तू अपने हाथ फैलायेगा , तब मैं अपनी आँखे बन्द कर लूंगा | तेरी प्रार्थानाएँ नहीं सुनूंगा; क्योंकि तेरे हाथ खून से सने हुए हैं |

- ईसा मसीह

ईसाई धर्म के धर्मग्रन्थ बाइबिल के नए नियम ( New Testament) में साफ़ शब्दों में मांस खाने और शराब पीने की मनाई की गयी हैँ, क्योंकि इनका सेवन करने वाला खुद तो ठोकर खाता है, और दूसरों को भी सही धर्म से भटका देता हैँ,

It is better not to eat meat or drink wine or to do anything else that will cause your brother or sister to,

[fall.Romans 14:21]

भला तो यह है, कि तू न मांस खाए, और न दाख रस पीए, न और कुछ ऐसा करे, जिस से तेरा भाई ठोकर खाए,

ईसा मसीह को आत्मिक ज्ञान जान दि-बेपटिस्ट से प्राप्त हुआ था, जो मांसाहार के सख्त विरोधी थे । ईसा मसीह वक शिक्षा के दो प्रमुख सिद्धांत है (Thou Shall Not Kill) तुम जीव हत्या नहीं करोगेऔर (Love Thy Neighbour) अपने पड़ोसी से प्यार करो।

गास्पल आफ पीस आफ जीसस क्राइस्ट में ईसा मसीह के वचन इस प्रकार है

" सच तो यह हैं कि जो हत्या करता है, वह असल में अपनी ही हत्या कर रहा है । जो मारे हुए जानवर का मांस खाता है, वह असल में अपना मुर्दा आप ही खा रहा है, जानवरों की मौत उसकी अपनी मौत है क्योंकि इस गुनाह का बदला मौत से हो ही नहीं सकता, बेजबान की हत्या न करो और न अपने निरीह शिकार का मांस खाओ, इससे कहीं तुम शैतान के गुलाम न बन जाओवे आगे फरमाते हैं कि यदि तुम मृत (मांसाहार) भोजन करोगे तो वह मृत उगहार तुम्हें भी मार देगा । यदि तुम शाकाहारी भोजन अपनाओगे, तो तुम्हें जीवन और शक्ति मिलेगी। लेकिन यदि तुम मृत मांसाहार भोजन करोगे तो तुम्हें वह मृत आहार मार देगा। क्योंकि केवल जीवन से ही जीवन मिलता है मौत से हमेशा मौत ही मिलती हैँ...

फिर भी जो ईसाई मांस खा रहे हैँ वो सरासर बाईबल और ईसा मसीह के वचनो का पालन न कर के उनका अनादर कर रहे हैँ।





{चेतावनी :- इस लेख में दिये सबुत सिख धर्म के ग्रंथो से लिये गये हैँ, तथा लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं, इस लेख से आपकी स्वार्थी भावनाओँ को ठेस पहुंची हो तो क्षमा करे...}

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11 Feb 2015